क्या छोड़ चलूँ, क्या लेके चलूँ
रस्मों की हिफाज़त या अरमानों की खैरियत

क्या छोड़ चलूँ, क्या लेके चलूँ
बीते लम्हों की आहट या नये तजुर्बों की आंच

क्या छोड़ चलूँ, क्या लेके चलूँ
एहसानों का क़र्ज़ या मंज़िलों का बुलावा

क्या छोड़ चलूँ, क्या लेके चलूँ
नाकामयाब का दाग या कोशिश का सम्मान

किससे विदा ले लूँ, किसे कभी न अलविदा कहूं
बिरादरी का साया या हिम्मतों का सवेरा